लक्सर ( हरिद्वार) । जमदग्नि पब्लिक स्कूल, लक्सर में आयोजित विशाल भजन संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में बाला जी और खाटूश्यामजी के भक्तों ने सहभागिता कर भक्ति रस का आनंद लिया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद गिरी जी महाराज, साध्वी मां देवेश्वरी जी, नारी जागृति मंच की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रजनी घिल्डियाल चंदोला एवं बड़ी संख्या में संत महात्माओं ने हाजिरी लगाई।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पंहुचे सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि “राम मंदिर करोड़ों सनातनियों की सदियों पुरानी तपस्या, त्याग और आस्था का प्रतीक है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव और आत्मसम्मान का जीवंत प्रतीक है। राम मंदिर का निर्माण प्रत्येक रामभक्त के लिए गर्व का विषय है।”
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक भाजपा के जिलाध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री श्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राम के बिना हिन्दू अस्तित्व विहीन है। प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा, आदर्श और जीवन मूल्यों के आधार हैं। राम हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं और समाज को एकता एवं सद्भाव का संदेश देते हैं।”
वहीं प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अपने लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि “खाटूश्यामजी कलियुग के प्रत्यक्ष देवता हैं। जो भी सच्चे मन से बाबा श्याम का स्मरण करता है, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बाबा का दरबार भक्तों के लिए अटूट आस्था और विश्वास का केंद्र है।” उनके विश्वप्रसिद्ध भजन ” जो राम को लाए हैं , हम उनको लाएंगे” को सुनकर पूरा पांडाल राममय हो गया ।
भजन संध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्तों ने जयकारों के साथ भजनों का आनंद लिया और बाबा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, प्रसाद वितरण, रात्रि भोजन एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम के समापन पर श्री अभिषेक जमदग्नि ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण और आध्यात्मिक जागरण के ऐसे आयोजन निरंतर करते रहने का संकल्प व्यक्त किया। भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से परिपूर्ण यह विशाल भजन संध्या क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बन गई।




