रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच एनएसएस विशेष शिविर का समापन

ऋषिकेश। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर द्वारा पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, आईडीपीएल वीरभद्र में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राष्ट्रगान के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।
“विकसित भारत 2047” थीम पर आधारित इस शिविर में सात दिनों तक स्वयंसेवकों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश दिया। समापन समारोह में विद्यालय के प्राचार्य राजीव लोचन सिंह मुख्य अतिथि, जबकि विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक प्रो. गौरव वार्ष्णेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। स्वयंसेवकों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मैन्दोला ने शिविर की विस्तृत आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता रैली, रेड रिबन क्लब के माध्यम से एड्स जागरूकता, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, वृक्षारोपण, नशामुक्ति, रक्तदान, महिला शिक्षा तथा अंधविश्वास उन्मूलन जैसे विषयों पर व्यापक अभियान चलाए गए।
स्वयंसेवकों ने त्रिवेणी घाट और आस्था पथ पर गंगा स्वच्छता अभियान चलाते हुए प्लास्टिक कचरा एकत्र किया तथा पर्यटकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। शिविर में स्लोगन, पोस्टर, भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ प्रतिदिन बौद्धिक सत्र भी आयोजित हुए।
मुख्य अतिथि राजीव लोचन सिंह ने स्वयंसेवकों के सेवा भाव और सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि “सच्ची शिक्षा वही है, जो समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करे।” अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. महावीर सिंह रावत ने ऐसे शिविरों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, वहीं प्रो. गौरव वार्ष्णेय ने एनएसएस को नेतृत्व, देशभक्ति और जीवन मूल्यों के निर्माण का सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सीमा बेनीवाल ने प्रभावी मंच संचालन करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
शिविर में हर्षवर्धन, पीयूष, सुजल पाल, महक, सृष्टि गैरोला एवं शिवानी सेमवाल को “सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी” के रूप में सम्मानित किया गया। अंत में डॉ. अलका ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



