टिहरी गढ़वाल के अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में जहां विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति संतोषजनक मिली, वहीं पीडब्ल्यूडी कार्यालय में कर्मचारियों की देरी, अभिलेखों के खराब रखरखाव और सफाई व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं।
टिहरी गढ़वाल 16 जुलाई। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने 15 जुलाई को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज टिहरी, राजकीय प्रताप इंटर कॉलेज बौराड़ी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) बौराड़ी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित मिले और विद्यालयों का संचालन नियमानुसार पाया गया। एडीएम ने कक्षाओं में छात्र-छात्राओं से संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता और पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तथा राजकीय प्रताप इंटर कॉलेज बौराड़ी में लगातार घट रही छात्र संख्या पर एडीएम ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समितियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से छात्र संख्या बढ़ाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
डाइट निरीक्षण के दौरान एडीएम ने डीएलएड प्रशिक्षण की व्यवस्था का जायजा लिया और प्रशिक्षुओं से शिक्षा की गुणवत्ता, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की सोच विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने संस्थान के पुस्तकालय, कला एवं संस्कृति कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी प्राचार्य दीपक रतूड़ी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
वहीं, सुबह 10:15 बजे पीडब्ल्यूडी बौराड़ी कार्यालय के औचक निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। कुछ कर्मचारी निर्धारित समय तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे, जिस पर एडीएम ने विलंब से आने वाले और अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए।
निरीक्षण में फील्ड कर्मचारियों की उपस्थिति और भ्रमण विवरण उपलब्ध नहीं मिला। कार्यालय में पुराने अभिलेख धूल से सने हुए पाए गए तथा उनके रखरखाव और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। एडीएम ने अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव और कार्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।




