रायवाला 12 अगस्त । नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान के सौजन्य से प्रतीतनगर रायवाला स्थित कौटिल्य वाटिका वैडिंग प्वाइंट में पिछले कई दिनों से चल रही श्री शिवमहापुराण कथा का मंगलवार को ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच श्रद्धापूर्वक एवं भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव की कथा का श्रवण किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कथा के समापन अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज, अध्यक्ष सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश, ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव के आध्यात्मिक संदेश के साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण, समाज और जीवमात्र की सेवा करना भी हमारी धार्मिक जिम्मेदारी है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, मंदिर, गांव और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष प्रकृति और मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने ‘कन्या बचाओ’ का संदेश देते हुए कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। कन्या का संरक्षण, सम्मान और शिक्षा प्रत्येक परिवार एवं समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियों का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। वातावरण ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय श्री शिव शंकर’ के उद्घोष से गूंज उठा। इसके पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना, आरती एवं प्रसाद वितरण एवं विशाल भण्डारा किया गया। श्रद्धालुओं ने शिवमहापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं कथा व्यास स्वामी रसिक महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर साध्वी मां देवेश्वरी जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शूरवीर सिंह सजवाण, समाजसेवी शूरवीर सिंह पंवार, एडवोकेट रमाबल्लभ भट्ट, नवनीत चौहान, युवक मंगल दल के अध्यक्ष रवि कुकरेती , गणेश सिंह नेगी, उपप्रधान दरमियान सिंह नेगी, सुरेश कुकसाल, अनिल पंत, रोशन लाल कोठारी, वेदाचार्य सुमन कुकरेती, आचार्य संदीप पोखरियाल, प्रख्यात व्यवसायी राहुल ममगांई, आचार्य पवनदेव कुकरेती, एवं बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





