पांडुलिपि संरक्षण को संग्रहालय हेतु जमीन दे सरकार

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पांडुलिपि संरक्षण को संग्रहालय हेतु जमीन दे सरकार

पुराना दरबार ट्रस्ट के पास पुरानी टिहरी की विरासत से जुड़ी कई चीजें मौजूद हैं और उनके संरक्षण के लिए एक संग्रहालय की जरुरत

नई टिहरी * गढ़ निनाद ब्यूरो, 31 अक्टूबर 2019

पुराना दरबार के ट्रस्ट के ट्रस्टी ठाकुर भावनी प्रताप सिंह ने आज नवदुर्गा मंदिर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि उनका ट्रस्ट पाडुलिपियों के संरक्षण और संग्रह को लेकर काम कर रहा है। भवानी प्रताप ने कहा कि पुराना दरबार ट्रस्ट के पास पुरानी टिहरी की विरासत से जुड़ी कई चीजें मौजूद हैं और उनके संरक्षण के लिए एक संग्रहालय की जरुरत है। वह इसके लिए सरकार और टीएचडीसी से अनुरोध करेंगे की वह दरबार ट्रस्ट को भूमि आवंटित करें। जिससे झील में डूब चुके शहर से जुड़ी चीजों को वहां पर रखा जा सके। भवानी ने अफसोस जताया कि THDC अथवा सरकार को तो टिहरी शहर डुबोने से पहले यह काम कर लेना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया कि हमारा तीन मंजिला महल डूबा है उसके बदले हमें 300 वर्ग मीटर प्लाट मिला। क्या इतने में संग्रहालय बन सकता है?

भवानी ने बताया कि पुराना दरबार ट्रस्ट की ओर से बीते दिनों श्रीदेव सुमन विवि मुख्यालय बादशाहीथौल में पांच दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में गढ़वाल क्षेत्र के कई जगहों से पुराने दस्तावेज लाए गए थे जिनके संरक्षण और संग्रह के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। कार्यशाला में गढ़वाल क्षेत्र के जौनसार, उत्तरकाशी सहित कई अन्य जगहों से जुड़ी पांडुलिपियों के बारे में विशेषज्ञों ने उनके बारे में अध्ययन कर जानकारी जुटाई।

उन्होंने कहा दरबार ट्रस्ट गढ़वाल के पुराने दस्तावेज़ और धरोहरों का संरक्षण और संग्रह करने में लगा है। कई घरों में अभी भी पांडुलियां मौजूद हैं लेकिन जानकारी के अभाव में लोग उनका संरक्षण और संग्रह नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा जिन लोगों के घरों में पांडुलिपियां अभी भी हैं वह उन्हें सुरक्षित रखें या फिर उनके संरक्षण और संग्रह के लिए पुराना दरबार ट्रस्ट से संपर्क करें। भवानी प्रताप ने कहा कि पांडुलिपियों का संरक्षण भावी पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि उन्हें भी अपनी पुरानी पीढ़ी की जानकारी होनी चाहिए। इतिहासकार एवम पत्रकार महिपाल नेगी ने कहा कि पांडुलिपि सरंक्षण कार्य में जितना हो सकता है वह पुराना दरबार ट्रस्ट को सहयोग कर रहे हैं, उनके पास भी कुछ दस्तावेज थे जो बहुत पुराने समय के थे उन्हें ट्रस्ट को दे दिया है। उन्होंने भी लोगों से अनुरोध किया कि किसी के घर में अगर ऐसे कोई दस्तावेज हों तो उनको सुरक्षित रखें या फिर दरबार ट्रष्ट को दे दें। इस मौके पर वीरेंद्र सेमवाल आदि भी मौजूद रहे।

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