अब उत्तराखंड के किसी भी जिले में आओ-जाओ नहीं होंगे क्वारेन्टीन

गढ़ निनाद न्यूज * 29 मई 2020
देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए। सीएस से लेकर निचले स्तर तक के सभी कर्मचारियों का माह में एक दिन का वेतन सीएम राहत कोष में जमा किया जाएगा। पेंशनरों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। सूबे के दायित्वधारियों से हर माह पांच दिन का वेतन सीएम राहत कोष में जमा किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
सरकार ने कर्मचारियों को कोरोना महामारी के चलते भत्तों की कटौती में राहत देते हुए निर्णय लिया कि राज्य में किसी भी कार्मिक का भत्ता नहीं काटा जाएगा।
कैबिनेट ने फैसला किया कि पूरा राज्य ऑरेंज जोन में होने से एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन नहीं होना पड़ेगा। अब एक जनपद से दूसरे जनपद में आवाजाही करने वाले लोगों को भी पास की सुविधा में छूट दी है। अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते ही पास मान्य हो जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में कोरोना जांच बढ़ाने के लिए अन्य प्रदेशों की भांति उत्तराखंड में भी निजी लैब से जांच कराई जाएगी, जिसके लिए कंपनियों का चयन चार दिन के भीतर निविदा के माध्यम से किया जाएगा। इन लैब में आने वाला व्यय सरकार वहन करेगी। इसके अलावा भी कैबिनेट ने की और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।