“देखो अपना देश” में “उत्तराखंड एक स्वर्ग” शीर्षक पर वेबिनार

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गढ़ निनाद न्यूज़ * 18 मई 2020

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने “देखो अपना देश” वेबिनार श्रृंखला के तहत “उत्तराखंड एक स्वर्ग” शीर्षक से 20वें वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार में उत्तराखंड के 2 क्षेत्रों केदारखंड (गढ़वाल क्षेत्र) और मनु खंड (कुमाऊं क्षेत्र) में पर्यटन की संभावनाओं को उजागर किया गया। इसके साथ ही इसमें गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व विरासत स्थल फूलों की घाटी जैसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को भी विशेष तौर पर दर्शाया गया।

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा ‘देखो अपना देश’ नाम से वेबिनार श्रृंखला शुरू की गयी है। इस वेबिनार श्रृंखला में देश के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी दी जाती है, और इसका उद्देश्य विभिन्न भारतीय स्थलों के इतिहास और विविध संस्कृति को उजागर करना है। श्रृंखला का पहला वेबिनार ‘सिटी ऑफ सिटीज – दिल्लीज पर्सनल डायरी’ शीर्षक से दिल्ली शहर के बारे में था और इस सत्र में 5,546 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इस वेबिनार सत्र को जाने-माने विद्वान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ डॉक्टर पुष्पेश पंत, जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर श्री गणेश शैली और आस्पेन एडवेंचर्स के प्रबंध निदेशक श्री शशांक पांडे ने प्रस्तुत किया। इस सत्र की निगरानी पर्यटन मंत्रालय की अपर महानिदेशक सुश्री रुपिंदर बरार ने किया। 

इस वेबिनार में प्रस्तुतकर्ताओं ने ऋषिकेश एवं पिथौरागढ़ में रिवर राफ्टिंग, औली में विंटर गेम्स यानी जाड़े के दिनों में खेले जाने वाले खेलों एवं स्कीइंग, टिहरी बांध एवं कौसानी में पैराग्लाइडिंग, चोपता एवं पिंडारी ग्लेशियर में ट्रेकिंग के लिए उपलब्ध कई विकल्पों और ऋषिकेश में भारत की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग सुविधा जैसी उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं के बारे में विशेष रूप से बताया।

प्रस्तुतकर्ताओं ने इस सत्र में देश के सबसे पुराने राष्ट्रीय पार्क जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, राजाजी टाइगर रिज़र्व और हिमालय क्षेत्र के वनस्पति एवं प्राणी जगत की समृद्ध विविधता को उजागर करते यूनेस्को स्थल नंदा देवी नेशनल पार्क जैसी जगहों का भ्रमण करते हुए प्रकृति का नजदीकी अनुभव करने के विकल्पों तथा उत्तराखंड में ग्राम पर्यटन को विकसित और उजागर करने के बारे में भी बताया। इसमें होमस्टे के बेहतरीन विकल्प के बारे में बताया गया।

पर्यटन मंत्रालय की अपर महानिदेशक सुश्री रुपिंदर बरार ने उत्तराखंड को देव भूमि, देवताओं की ऐसी जगह जो हर तरह के पर्यटकों को मंत्र मुग्ध कर देती है, कहते हुए सत्र का समापन किया। 

उत्तराखंड एक बहुआयामी जगह है जो पवित्र और धार्मिक होते हुए अपने मूल रूप में समृद्ध जैव विविधता वाले साहसिक खेलों का केंद्र भी है।

गौरतलब है कि COVID-19 से पर्यटन क्षेत्र भी बहुत प्रभावित हुआ है जो कि वर्तमान में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 10% है। COVID-१९ लॉक डाउन के कारण पर्यटन क्षेत्र में 50 मिलियन नौकरियों में कटौती हुई है और इस क्षेत्र में सुधार होने में 10 महीने से अधिक समय लग सकता हैं।

देखो अपना देश श्रृंखला सत्रों का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस विभाग की सक्रिय मदद से होता है।

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