किसान है क्रोध

Govind Pundir
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गढ़ निनाद समाचार। 

गोलेन्द्र पटेल की कविताएं

निंदा की नज़र

तेज है

इच्छा के विरुद्ध भिनभिना रही हैं

बाज़ार की मक्खियाँ

अभिमान की आवाज़ है

एक दिन स्पर्धा के साथ

चरित्र चखती है

इमली और इमरती का स्वाद

द्वेष के दुकान पर

और घृणा के घड़े से पीती है पानी

गर्व के गिलास में

ईर्ष्या अपने

इब्न के लिए लेकर खड़ी है

राजनीति का रस

प्रतिद्वंद्विता के पथ पर

कुढ़न की खेती का

किसान है क्रोध !

            2.

ईर्ष्या की खेती

••••••••••••••••

मिट्टी के मिठास को सोख

जिद के ज़मीन पर

उगी है

इच्छाओं के ईख

खेत में

चुपचाप चेफा छिल रही है

चरित्र

और चुह रही है

ईर्ष्या

छिलके पर  

मक्खियां भिनभिना रही हैं

और द्वेष देख रहा है

मचान से दूर

बहुत दूर

चरती हुई निंदा की नीलगाय !

—जारी ।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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