सीपीआर, मानव स्ट्रेचर, सुरक्षित निकासी और खोज-बचाव का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
टिहरी गढ़वाल 3 अक्टूबर। जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) टिहरी गढ़वाल की ओर से शनिवार को नरेंद्रनगर ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पावकीदेवी में आपदा प्रबंधन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भूकंप, बाढ़, आग, भूस्खलन सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बचाव और राहत के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
डीडीएमए के मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को खोज एवं बचाव में इस्तेमाल होने वाले बेसिक उपकरणों, आपातकालीन हेल्पलाइन 1077, सुरक्षित निकासी तथा प्राथमिक उपचार के बारे में बताया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सीपीआर देने, अत्यधिक रक्तस्राव रोकने, स्थानीय संसाधनों से मानव स्ट्रेचर तैयार करने, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा विभिन्न उपयोगी गांठें लगाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसके अलावा बाढ़ अथवा जलभराव, भूकंप, घरेलू आग और जंगल की आग के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और घायल व्यक्ति के बचाव का अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों ने राहत एवं बचाव से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर भूदेव ऐप की उपयोगिता और उसके डाउनलोड एवं उपयोग की जानकारी भी दी गई, ताकि आपदा की स्थिति में तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जा सके।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. छाया चतुर्वेदी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ आपात स्थिति में स्वयं तथा दूसरों की सहायता करने के लिए आवश्यक कौशल भी सीखने चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन रोवर लीडर डॉ. ओमवीर एवं रेंजर लीडर डॉ. तनु रस्तोगी बाली ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीलम ध्यानी, डॉ. गुंजन जैन, डॉ. शालिनी सैनी, बबिता, रोशन लाल, मुकेश रावत, राजेंद्र सिंह, निखिल सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।




