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खुदकुशी से पहले मुख्यमंत्री के नाम तीन पेज का सुसाइड नोट

Govind Pundir
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योगी जी, कर्ज लेकर खरीदी थी जमीन, छोड़ना मत इन बदमाशों को

नई दिल्ली। दिल्ली के एक फर्नीचर कारोबारी जाबिर अली ने खुदकुशी से पहले मुख्यमंत्री योगी के नाम तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। उसमें लिखा है कि ” अपने रिश्तेदारों और दूसरे लोगों से कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी। बावजूद इसके उसकी जमीन का दाखिल- खारिज नहीं हो रहा था।” 

अंत में लिखा है कि मुख्यमंत्री जी ऐसे बदमाशों को छोड़ना मत, जो हम जैसे नौजवानों का गला घोंटते हैं।  कारोबारी ने अफसरों पर जमीन का दाखिल-खारिज रोक कर कारोबार की नई कोशिशों में अड़ंगा डालने का आरोप लगाया है। फर्नीचर कारोबारी ने दिल्ली में फंदे से लटककर जान दे दी। खुदकुशी से पहले कारोबारी ने तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। वारदात से मृतक के घर में कोहराम है तो जिले के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मचा है।

बता दें कि संभल जनपद के नखासा थाना क्षेत्र के मिलक शाहपुर चमरान निवासी मोहम्मद जाबिर अली दिल्ली में फर्नीचर कारोबारी थे। करीब पंद्रह वर्षों से वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली के ओम विहार, उत्तम नगर इलाके में रह रहे थे। 

उन्होंने कुछ दिन पहले फैक्ट्री स्थापित करने के लिए अमरोहा जनपद के डिडौली कोतवाली क्षेत्र के जिवाई गांव में हाईवे किनारे जमीन खरीदी थी। मुरादाबाद निवासी एक शख्स और गाजियाबाद निवासी उसकी बहन द्वारा इस डील पर आपत्ति लगा देने से कारोबारी के हक में जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा था। 

लिखा है, अफसरों और भू माफिया की मिलीभगत ने उनकी पूरी प्लानिंग चौपट कर दी, जबकि वह लोगों को रोजगार देना चाहते थे। अंत में लिखा है कि मुख्यमंत्री जी ऐसे बदमाशों को छोड़ना मत, जो हम जैसे नौजवानों का गला घोंटते हैं।  

मृतक कारोबारी जाबिर के साले जलीलुद्दीन का कहना है कि दाखिल खारिज के आदेश को संबंधित एसडीएम ने नियम के खिलाफ पलट दिया। इसके बाद उन्होंने आला अफसरों के कई चक्कर लगाए लेकिन दाखिल-खारिज नहीं हुआ। मानसिक रूप से परेशान होकर जाबिर ने दिल्ली स्थित घर में गले में फंदा कसकर जान दे दी।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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