लॉन्च हुई कार और बाइक से जुड़ी नई स्क्रैपेज पॉलिसी

Govind Pundir
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कमर्शियल 15 साल बाद तो निजी कार 20 साल बाद कबाड़ घोषित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा है कि नई स्क्रैपेज पॉलिसी से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। साथ ही देश में 10 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश आने की उम्मीद है। याने अगले 25 साल में बहुत कुछ बदल जाएगा।

बता दें कि स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा। कमर्शियल गाड़ी जहां 15 साल बाद कबाड़ घोषित हो सकेगी, वहीं निजी कार के लिए यह समय 20 साल है। सीधी सी बात है कि यदि आपकी 20 साल पुरानी निजी कार है तो उसे रद्दी माल की तरह कबाड़ में बेच दिया जाएगा।

परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों की माने तो के भारत में 51 लाख हल्के मोटर वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं। सरकार का दावा है कि स्क्रैपिंग पॉलिसी से वाहन मालिकों का न केवल आर्थिक नुकसान कम होगा, बल्कि उनके जीवन की सुरक्षा हो सकेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

आखिर यह कैसे तय होगा कि कार स्क्रैप लायक है या नहीं ? इसके लिए वाहन मालिकों को एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गाड़ी का फिटनेस टेस्ट करवाना होगा।

नई स्क्रैपिंग पॉलिसी के फायदे क्या होंगे

इसके बाद कार के इंजन, बॉडी और अन्य मेंटेनेंस की फुल चेकिंग होगी। जैसे टायर कितने घिस चुके हैं या सस्पेंशन किस हालात में है, गाड़ी का इंजन कितना प्रदूषण फैला रहा, गियरबॉक्स और ट्रांसमिशन आदि की जांच की जाएगी। इन मापदंडों में अगर गाड़ी फिट पाई जाती है तो उसे स्क्रैप के लिए नहीं भेजा जाएगा। अगर गाड़ी अनफिट पाई जाती है तो उसे स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी के जरिए गाड़ियों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कमी भी दूर होगी। वायु प्रदूषण में कमी देखने को मिलेगी जिससे लोगों की सेहत में नकारात्मक प्रभाव भी नहीं पडे़गा। 

नए नियम कब से लागू होंगे नियम

फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू होंगे। सरकारी और PSU से जुड़े 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने वाले नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे। कमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे। अन्य वाहनों के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 जून 2024 से चरणबद्ध तरीके से  लागू होंगे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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