बौराड़ी रामलीला की आठवी संध्या का स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय और टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक त्रिपाठी ने किया शुभारंभ

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल । भारत स्वाभिमान पतंजलि योग समिति टिहरी गढ़‌वाल की महिलाओं द्वारा बौराड़ी नई टिहरी में आयोजित रामलीला की आठवीं संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अपर महाप्रबंधक ए एन त्रिपाठी और जाखणी धार के पूर्व प्रमुख जगदम्बा रतूड़ी द्वारा किया गया।

टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने रामलीला आयोजक मण्डल समेत तमाम उपस्थित जनसैलाब को बधाई व शुभकामनाएं दीं। 

इस दौरान टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अपर महाप्रबंधक ए एन त्रिपाठी ने रामलीला आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें टिहरी में सेवा करते 21 साल हो गये हैं। वह रामलीला को हमेशा सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब रामलीला के सभी किरदार महिलाएं हैं। वह उम्मीद करते हैं कि अगली रामलीला में सभी महिला किरदार स्थानीय हों।

रामलीला में रावण अंगद संवाद

इस मौके पर टीएचडीसी के जनसम्पर्क अधिकारी मनवीर नेगी, आरडी ममगाईं, जनवीर राणा, महावीर उनियाल, त्रिलोक चन्द रमोला, उर्मिला राणा, कमल सिंह महर, सुषमा उनियाल, डॉ वी एन जोशी, डा. मनवीर सिंह नेगी डायट, पत्रकार गोविंद बिष्ट, गोविंद पुंडीर आदि मौजूद रहे। मंच संचालन हमेशा की तरह सतीश थपलियाल व अनुसूया नौटियाल ने किया।

रामलीला की आठवीं संध्या पर रावण की पत्नी मंदोदरी द्वारा रावण को समझने का प्रयास, विभीषण के द्वारा रावण को समझाने का प्रयास की प्रभु राम से वह माफी मांगे इस पर रावण ने विभीषण को लंका से निकाल दिया, विभीषण का राम की शरण में पहुँचना, प्रभु श्रीराम ने रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना हेतु विश्व के प्रकांड पंडित महाराजा रावण को पूजा के लिये आमन्त्रित करना, रावण द्वारा राम को विजयी भव का आर्शिवाद देना, समुद्र की तीन दिन तक प्रार्थना करने के बाद राम के क्रोधित होने पर समुद्र ने राम को नल, नील बंदरों से पुल बनाने को कहा, और अन्तिम शांति वार्ता हेतु श्री राम ने रावण को समझाने हेतु अपने राजदूत अंगद को भेजा, रावण अंगद संवाद तथा अंगद द्वारा रावण को यूद्ध की घोषणा करना आदि का मंचन किया गया।
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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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