असहाय लोगों को चिकित्सा सुविधा पहुंचाना सबसे बड़ा धर्म : डॉक्टर घिल्डियाल

Garhninad Desk
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देहरादून 22 जनवरी। 18 पुराणों के निष्कर्ष के रूप में वेदव्यास जी ने स्पष्ट रूप से कहा है की पुण्य करना है तो परोपकार और पाप करना है तो दूसरों को परेशान इसलिए असहाय लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना सबसे बड़ा धर्म है।

उपरोक्त विचार सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने परशुराम संस्कृत विद्यालय देहरादून में आयोजित एक दिवसीय निशुल्क चिकित्सा शिविर उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।

डॉक्टर चंडी प्रसाद ने कहा कि आज के युग में यदि सबसे अधिक महंगा हुआ है ,तो प्राइवेट शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाएं हुई है ,इसलिए इसमें असहाय लोगों की मदद के लिए जो लोग आगे आ रहे हैं वह सबसे बड़ा पुण्य कर रहे हैं, उन्होंने संस्कृत शिक्षा विभाग की तरफ से उपस्थित शहर के सभी नामी-गिरामी चिकित्सकों का स्वागत करते हुए इस प्रकार का निशुल्क शिविर लगाने के लिए विद्यालय परिवार की प्रशंसा की।

इस अवसर पर कैंट विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि संस्कृत विद्यालय में असहाय लोगों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाना संस्कृत शिक्षा विभाग का बहुत पुनीत कार्य है, इसके लिए विद्यालय परिवार सहित सहायक निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल बधाई के पात्र हैं।

उद्घाटन सत्र में उपस्थित देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने देहरादून जनपद में संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए सभी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।

इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में पहुंचने पर सहायक शिक्षा निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल का उनके द्वारा किए जा रहे प्रशंसनीय कार्यों के लिए विधायक सविता कपूर, सुनील उनियाल गामा, विद्यालय के संस्थापक आचार्य पवन कुमार शर्मा, मशहूर वकील एनके विरमानी, उत्तराखंड विद्वत सभा के अध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी, आचार्य भगवती प्रसाद सहित सभी चिकित्सकों ने पुष्पगुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया।

चिकित्सा शिविर में शहर के मशहूर फिजीशियन डॉ राकेश मित्तल, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तरुण मित्तल, ईएनटी डॉक्टर अश्विन गर्ग, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ महेश अग्रवाल, नेत्र विशेषज्ञ डॉ राजेश तिवारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सरिता चौरसिया, एमडी पैथोलॉजी डॉ सीमा अवतार ने लोगों को निशुल्क परामर्श प्रदान किए।

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