आरटीआई: हथियार नहीं, एक सशक्त टूल – योगेश भट्ट

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल 22 नवम्बर 2024। टिहरी वन प्रभाग, नई टिहरी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पर एक विशेष प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

श्री भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) एक सशक्त उपकरण है, जो नागरिकों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करता है। इसे हथियार समझने की गलती न करें। उन्होंने लोक सूचना अधिकारियों (PIOs) को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी आवेदन में सूचना अस्पष्ट हो, तो उसे सीधे खारिज करने के बजाय आवेदक से स्पष्टता मांगी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि अधिनियम के तहत लोक सूचना अधिकारी को आवेदन अस्वीकार करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए उचित कारण देना अनिवार्य है।

प्रमाणित और सटीक सूचना की जिम्मेदारी

श्री भट्ट ने यह भी जोर दिया कि प्रत्येक सूचना प्रमाणित रूप में दी जानी चाहिए और जहां रिकॉर्ड मूल रूप में उपलब्ध हो, वहीं से सूचना प्रदान की जाए। इस प्रक्रिया से सूचना की सटीकता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होती है।

कार्यशाला का उद्देश्य सूचना अधिकार अधिनियम के महत्व को समझाना और इससे जुड़े अधिकारियों को इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रशिक्षित करना था। इस अवसर पर टिहरी वन प्रभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने लोक सूचना अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों को लेकर जागरूक किया और आरटीआई को एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लागू करने की प्रेरणा दी।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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