श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय: ई-ऑफिस सिस्टम से जुड़ेगा, काम होंगे पेपरलेस

Govind Pundir
2 Min Read
खबर को सुनें

ऋषिकेश। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में एक दिवसीय ई-ऑफिस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने की। उद्घाटन सत्र में उन्होंने आधुनिक तकनीक के महत्व पर बल देते हुए कहा कि समय की मांग के अनुसार तकनीकी सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय जल्द ही ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे समस्त कार्य पेपरलेस और पारदर्शी होंगे।

ई-ऑफिस: पारदर्शिता और दक्षता का माध्यम
सहायक कुल सचिव विजय रणवीर सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली से न केवल कागजी रिकॉर्ड रखने की समस्या खत्म होगी, बल्कि डाटा सुरक्षित रखने में भी आसानी होगी। इसके माध्यम से फाइलों की ट्रैकिंग सरल हो जाएगी और कार्यालयीय कामकाज में पारदर्शिता आएगी। अधिकारी और कर्मचारी एक क्लिक पर किसी भी फाइल की स्थिति और लोकेशन देख सकेंगे।

तकनीकी युग में पेपरलेस कार्य
ई-ऑफिस प्रणाली के तहत कामकाज पूरी तरह पेपरलेस होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, किसी भी इमरजेंसी में अधिकारी किसी भी स्थान से फाइल एक्सेस कर सकेंगे। इस प्रणाली से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी।

कार्यशाला में विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
प्रशिक्षण कार्यशाला में पीपीटी और ऑनलाइन माध्यम से ई-ऑफिस की कार्यप्रणाली समझाई गई। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, प्रो. संगीता मिश्रा, डॉ. अशोक कुमार मैन्दोला, प्रो. हेमलता मिश्रा, डॉ. गौरव वासने, डॉ. अटल बिहारी त्रिपाठी, शकुंतला शर्मा, मंजू चौहान, जोत सिंह बिष्ट, सुरेंद्र नौटियाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

जल्द शुरू होगी ई-ऑफिस प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुभागों को ई-ऑफिस से जोड़ने का कार्य शीघ्र आरंभ होगा। यह प्रणाली कार्यालयीय कार्यों को सरल, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!