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गंगू रमोला वंशजों का महासम्मेलन: जल, जंगल, जमीन और शिक्षा बचाने का संकल्प

गंगू रमोला वंशजों का महासम्मेलन: जल, जंगल, जमीन और शिक्षा बचाने का संकल्प
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टिहरी गढ़वाल 22 मार्च 2025। आज टिहरी जिले के बादशाही थौल, चंबा में सेम नागराजा गंगू रमोला वंशजों का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष श्री भगवान चंद रमोला जी ने की। सम्मेलन में जिले भर से रमोला बंधु एकत्रित हुए और समाज, संस्कृति, शिक्षा, और संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।

एसआरटी कैंपस के प्रोफेसर डॉ. आर.सी. रमोला ने कहा कि “जल, जंगल, जमीन हमारी सबसे बड़ी धरोहर है, जिसे बचाने के साथ-साथ हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करना होगा।”

केंद्रीय अध्यक्ष प्रकाश रमोला ने घोषणा की कि “सेम और मुखेम नागराजा मंदिरों में आयोजित होने वाले मेलों में समाजसेवा को प्राथमिकता दी जाएगी, और हर साल नि:शुल्क भंडारे का आयोजन किया जाएगा।”

मुख्य बिंदु और निर्णय:

1️⃣ आर्थिक सहायता: गरीब, असहाय, दुर्घटना पीड़ित, गंभीर बीमारी से ग्रस्त परिवारों के छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए समिति द्वारा फीस का सहयोग किया जाएगा।

2️⃣ प्रतिभाओं का सम्मान: विभिन्न परीक्षाओं, खेलकूद प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय, राज्य, जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गंगू रमोला वंशज छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

3️⃣ संस्कृति और धरोहर संरक्षण: ज़िला अध्यक्ष भगवान चंद रमोला ने जमीन बिक्री रोकने और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि गांव का माहौल संरक्षित रहे और अगली पीढ़ी बेरोजगारी से बच सके।

उन्होंने कहा, “गंगू रमोला जी ने हमें यही सिखाया है कि अपनी जमीन किसी को न दें, फिर चाहे वह भगवान ही क्यों न हो।”

सम्मेलन में केंद्रीय अध्यक्ष प्रकाश रमोला, पूर्व प्रमुख प्रदीप चंद रमोला, उमेद चंद, प्यार चंद, नरेंद्र चंद, दिलीप चंद, हिमांशु रमोला, योगेश चंद, और ओम रमोला सहित सैकड़ों रमोला बंधुओं ने भाग लिया।

संस्कृति और शिक्षा के संरक्षण के इस संकल्प ने वंशजों में एक नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया।


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Govind Pundir

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