टिहरी गढ़वाल, 4 अक्टूबर। जनपद टिहरी गढ़वाल में खुरपका–मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए सातवें चरण के व्यापक टीकाकरण अभियान की शुरुआत आज शनिवार को की गई। अभियान का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती वरुणा अग्रवाल ने सचल पशु चिकित्सा वाहनों (MVU) को हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनपद का कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए सभी टीमें सक्रियता और जिम्मेदारी से कार्य करें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में लगभग 1,60,000 गौवंशीय एवं महिशवंशीय पशु तथा 1,50,000 भेड़-बकरियां पंजीकृत हैं, जिन्हें इस चरण में टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए 78 टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित पशु एवं गौशालाओं में संरक्षित गौवंश का भी टीकाकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पी.के. सिंह (चंबा), डॉ. राजेश रतूड़ी (नई टिहरी), डॉ. बी.के. तोमर (छाम), पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक (नकोट), डॉ. शाहजहां (सचल), डॉ. कोमल (धारकोट), डॉ. मोहम्मद आलिम, डॉ. मेघा भंडारी सहित क्षेत्र के पशु प्रसार अधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान पशुपालकों की आजीविका की सुरक्षा और जिले की पशु संपदा के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि खुरपका–मुंहपका रोग से पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता और जीवन दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए समय पर टीकाकरण आवश्यक है।
उन्होंने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे स्वयं आगे बढ़कर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और आसपास के ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि जनपद को इस बीमारी से मुक्त बनाया जा सके।




