अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर

Govind Pundir
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सीबीआई जांच पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग तेज


देहरादून/टिहरी गढ़वाल। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजे जाने के बावजूद रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा आहूत उत्तराखंड बंद का राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिला। प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन और जुलूस निकाले गए, वहीं व्यापारिक गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित रहीं।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि मामले की सीबीआई जांच हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल सीबीआई जांच से न्याय की गारंटी नहीं मिलती, जब तक उस पर न्यायिक निगरानी न हो। साथ ही, प्रकरण में कथित वीआईपी के नामों के सार्वजनिक खुलासे की भी मांग की जा रही है।
राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल मंडल के कई क्षेत्रों में सुबह से ही अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। गढ़वाल मंडल के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में भी बंद का आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ दुकानें खुली रहीं तो कई प्रतिष्ठान बंद रहे।
नई टिहरी में हनुमान चौक से बौराड़ी तक प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग दोहराई।
दोपहर तक अधिकांश बाजार बंद रहे, हालांकि दोपहर बाद धीरे-धीरे व्यापारिक गतिविधियां सामान्य होने लगीं।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा और सभी जिम्मेदारों का नाम सामने नहीं आएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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