Munich Security Conference में ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ की घोषणा

Jio Platforms समेत 15 वैश्विक कंपनियां साथ आईं, सुरक्षित डिजिटल मानक होंगे विकसित
म्यूनिख, 14 फरवरी 2026। अफ्रीका, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की 15 अग्रणी टेक कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। जर्मनी में आयोजित Munich Security Conference के दौरान किए गए इस ऐलान का उद्देश्य कनेक्टिविटी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैले टेक्नोलॉजी स्टैक के लिए भरोसेमंद और सत्यापित वैश्विक मानक विकसित करना है।
एलायंस में भारत की ओर से Jio Platforms शामिल है। संस्थापक सदस्यों में Amazon, Amazon Web Services, Microsoft, Google Cloud, Ericsson, Nokia, SAP और NTT जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। एलायंस ने भविष्य में और कंपनियों को जोड़ने का संकेत भी दिया है।
लॉन्च के अवसर पर जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ किरण थॉमस ने कहा कि वैश्विक डिजिटल विकास को गति देने के लिए भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी टेक्नोलॉजी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल साझा मानकों और सत्यापन योग्य प्रक्रियाओं के माध्यम से अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI प्रणालियों में दीर्घकालिक विश्वास स्थापित करेगी।
Brad Smith, वाइस चेयर और प्रेसिडेंट, Microsoft ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में समान सोच वाली कंपनियों का साथ आना जरूरी है, ताकि सीमाओं के पार तकनीक में उच्च मानक और भरोसा कायम रह सके। वहीं Borje Ekholm, सीईओ, Ericsson ने कहा कि कोई एक कंपनी या देश अकेले सुरक्षित डिजिटल ढांचा नहीं बना सकता, इसके लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है।
एलायंस के तहत सदस्य कंपनियों ने पांच प्रमुख सिद्धांतों पर सहमति जताई है—पारदर्शी कॉरपोरेट गवर्नेंस, सुरक्षित विकास प्रक्रिया और स्वतंत्र मूल्यांकन, मजबूत सप्लाई चेन सुरक्षा, खुला एवं सहयोगी डिजिटल इकोसिस्टम, तथा कानून के शासन के साथ डेटा सुरक्षा का सम्मान।
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो की भागीदारी से भारत को वैश्विक डिजिटल मानकों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इससे देश में क्लाउड, 5G और AI आधारित सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वसनीयता मिल सकती है और डेटा सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होगा।



