डंपिंग जोन पर भूखंड आवंटन को लेकर विवाद, सुरक्षा पर उठे सवाल

मामले में डीएम नितिका खंडेलवाल को सौंपा ज्ञापन, जांच और निर्माण कार्य रोकने की मांग
टिहरी गढ़वाल। नई टिहरी शहर में डंपिंग जोन के ऊपर आवंटित भूखंडों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी टिहरी एवं पुनर्वास निदेशक नितिका खंडेलवाल को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय निवासी बलबीर सिंह नेगी और सतीश उनियाल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नई टिहरी-बौराड़ी मुख्य मार्ग से ऊपर जेल रोड क्षेत्र में पूर्व में टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत डंपिंग जोन विकसित किया गया था। इसके लिए लगभग पांच मीटर ऊंची सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण भी किया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बाद में पुनर्वास निदेशालय और कुछ बिल्डरों की कथित मिलीभगत से उसी डंपिंग जोन के ऊपर भूखंड आवंटित कर दिए गए।
ज्ञापन में यह भी आरोप है कि जिन भूखंडों को परिवर्तित कर दोबारा आवंटित किया गया, वे पहले से अन्य पात्र व्यक्तियों को आवंटित थे। साथ ही यह दावा किया गया कि बिल्डरों की ओर से कथित रूप से पात्रता खरीदकर पूर्व आवंटित भूखंडों में बदलाव कराया गया। संबंधित क्षेत्र में मौजूद अखरोट सहित अन्य फलदार पेड़ों को काटकर वर्तमान में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार सी-ब्लॉक टाइप-3 के सी-4/4 और सी-3/4 में आवंटित आवासीय भवनों के नीचे जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही है, जिससे भवनों की नींव को खतरा उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि इस स्थिति से वहां रह रहे परिवारों की जान-माल पर गंभीर जोखिम पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवर्तित भूखंडों की तकनीकी और राजस्व स्तर पर जांच कराई जाए तथा निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही आवासीय भवनों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों से स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और पुनर्वास निदेशालय की होगी।



