खेमड़ा ग्राम पंचायत में बड़ा सामाजिक फैसला: शादी-ब्याह और आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

टिहरी गढ़वाल। विकासखंड चम्बा की ग्राम पंचायत खेमड़ा ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक सशक्त और सराहनीय पहल करते हुए गांव में आयोजित होने वाले सभी सामाजिक कार्यक्रमों में शराब के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह फैसला ग्राम स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्रीमती रजनी गुसाईं ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
बैठक में तय किया गया कि अब गांव में होने वाले शादी-विवाह, जन्मदिन, धार्मिक आयोजनों एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पिलाने और सेवन करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गांव को नशामुक्त बनाना और सामाजिक वातावरण को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारित बनाए रखना है।
इसके अलावा, विधानसभा, लोकसभा और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान भी शराब के वितरण और सेवन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी सामाजिक कार्रवाई के साथ ₹51,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह नियम आगामी 1 मई 2026 से प्रभावी होगा।
गांव में सामाजिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए “ग्राम समाज सुधार समिति” का गठन भी किया गया। समिति में नारायण सिंह चंदेल को अध्यक्ष, देवकी पंवार को उपाध्यक्ष, जयपाल सिंह नेगी को सचिव और ममता देवी को सह-सचिव बनाया गया है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी रजनी देवी को सौंपी गई है, जबकि पूजा देवी, संपत्ति देवी, लक्ष्मी देवी, उर्मिला देवी, दिलवर नेगी, बीना देवी और रीना को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
ग्राम प्रधान श्रीमती रजनी गुसाईं ने कहा कि यह पहल युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और गांव में सकारात्मक सामाजिक वातावरण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आज के जागरूक युवा, महिलाएं और जनप्रतिनिधि मिलकर अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आ रहे हैं, जो समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक है।
बैठक में मुहिम से जुड़ी कुंभीभाला भट्ट और लक्ष्मी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
गौरतलब है कि खेमड़ा ग्राम पंचायत का यह निर्णय अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है, जहां सामाजिक सुधार और नशामुक्ति को लेकर इसी तरह के ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।



