टिहरी गढ़वाल। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर चंद्रबदनी (नैखरी) में एक दिवसीय ओरिएंटेशन/पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम परिसर प्रभारी एवं निदेशक डॉ. महेन्द्र मोर्य के संरक्षण तथा डॉ. प्रतापसिंह बिष्ट (नोडल अधिकारी/मेंटर) की उपस्थिति में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद से आए ट्रेनर श्री दिविजय सिंह ने विद्यार्थियों को छोटे विचारों को बड़े व्यवसाय में परिवर्तित करने के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं पर जोर देते हुए बताया कि भीमल, झंगोरा, पहाड़ी बड़ी, लेमन ग्रास टी, बांस के पेन स्टैंड तथा पहाड़ी पिसा हुआ लोण जैसे उत्पादों को ब्रांड बनाकर स्वरोजगार स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना अधिकारी द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा डॉ. प्रतापसिंह बिष्ट ने छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार अपनाकर अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एक परीक्षण टेस्ट भी आयोजित किया गया, जिसमें चयनित विद्यार्थियों को तीन दिवसीय बूट कैंप में प्रतिभाग करने का अवसर दिया जाएगा।छात्र-छात्राओं ने कहा कि एक दिवसीय प्रशिक्षण से उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा मिली है और उच्च शिक्षा विभाग की यह पहल भविष्य के उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के माध्यम से उद्यमिता के अनेक अवसर उपलब्ध हैं, इसलिए “नौकर नहीं, मालिक बनो” की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।




