टिहरी गढ़वाल 07 मई। जनपद स्तर पर जलभराव की समस्या के निदान एवं मानसून अवधि की तैयारियों को लेकर आज प्रभारी जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं नगर निकायों द्वारा की जा रही तैयारियों एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नगर निकायों से वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मानसून से पूर्व फॉगिंग अभियान प्रारंभ कराने, आमजन को जलभराव रोकने हेतु जागरूक करने तथा रैन बसेरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नालियों की नियमित सफाई, झाड़ी कटान तथा जल निकासी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। साथ ही आपदा प्रबंधन से संबंधित उपकरणों का स्टॉक चेक करने तथा जिन उपकरणों के प्रतिस्थापन की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश भी दिए।
प्रभारी जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, सड़कों के किनारे मलबा एकत्रित न होने देने तथा सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जनसामान्य को समय पर सूचना उपलब्ध कराने हेतु अनाउंसमेंट उपकरणों एवं वाहनों की समुचित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थापित मोबाइल टॉयलेट्स की नियमित साफ-सफाई एवं पानी की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा गया।
बैठक में जनपद में वर्तमान जलभराव एवं निकासी से संबंधित प्रगतिरत योजनाओं की जानकारी देते हुए अनुराग रंजन द्वारा पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस बैठक में नगर पालिका परिषद ने टिहरी के अध्यक्ष मोहन रावत, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस (प्रशिक्षु) ज्योति, गणेश प्रसाद नौटियाल, सिंचाई विभाग से कोमल सिंह, दरमियान सिंह, नैना रावत, प्रीतम सिंह एवं संबंधित भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।




