टिहरी गढ़वाल । राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नर्वदेश्वर शुक्ला के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिग्विजय सिंह सजवाण उपस्थित रहे।अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह सजवाण ने छात्रों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों से परिचित कराते हुए बताया कि युवा अपनी रुचि और कौशल के आधार पर सफल व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने स्वरोजगार, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के युवाओं में अपार क्षमता है, जिसे सही दिशा और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।कार्यशाला के दौरान छात्रों को उद्यमशीलता की सोच विकसित करने, नए विचारों को व्यवसाय में बदलने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों की उद्यमशीलता समझ एवं नवाचार क्षमता का आकलन करने हेतु एक योग्यता परीक्षण आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का चयन आगामी उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए नोडल अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश ने योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अर्चना धपवाल, डॉ. एम.एन. नौडियाल, डॉ. इलियास, डॉ. अमित कुमार, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. शीतल, डॉ. तान्या नौटियाल, डॉ. रंजू उनियाल, डॉ. सृजना राणा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




