तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ: ‘वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम

Govind Pundir
3 Min Read
खबर को सुनें

उत्तरकाशी, हर्षिल घाटी। हर्षिल घाटी में लगातार हो रही तेज़ बारिश, ठंडी हवाओं और पहाड़ी तूफ़ान के बीच नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दुर्गम मौसम के बावजूद इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होना अपने आप में एक उल्लेखनीय पहल है, जिसे क्षेत्र में पहली बार इतने चुनौतीपूर्ण मौसम में सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।

बगोरी गाँव के पंचायती भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में हर्षिल, झाला, धराली, गंगोत्री और मुखवा जैसे सीमांत क्षेत्रों से आए 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। खराब मौसम के बावजूद कई प्रतिभागी बाइक से कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचे, जो उनके उत्साह और समर्पण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में बगोरी ग्राम प्रधान श्रीमती रंजीता धौबरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के अंतर्गत हर्षिल घाटी नए अवसरों का केंद्र बन रही है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलते हैं।

हर्षिल ग्राम प्रधान श्रीमती सुचित्रा रौतेला ने कहा कि इस प्रकार की पहल से स्थानीय युवाओं को सही दिशा और अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे पर्यटन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र के छुपे हुए नेचर ट्रेल्स की पहचान कर उन्हें पर्यटन से जोड़ना ही इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत यह क्षेत्र विशेष संभावनाओं से भरा हुआ है।

हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर्षिल दौरे के दौरान भी इस क्षेत्र को ‘वाइब्रेंट विलेज’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया था। उसी दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है।

यह प्रशिक्षण उत्तराखंड पर्यटन विभाग, उत्तराखंड सरकार एवं पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद (THSC) द्वारा संचालित किया जा रहा है। समर्पित मीडिया सोसाइटी, जो THSC की प्रशिक्षण भागीदार संस्था है, इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन कर रही है। कार्यक्रम में संस्था के निदेशक पंकज शर्मा तथा प्रशिक्षक श्री राजीव उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग द्वारा इसी क्षेत्र में गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें प्रशिक्षित हुए कई प्रतिभागी इस नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण में भी भाग ले रहे हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन आधारित कौशल विकास की निरंतरता स्पष्ट होती है।

कठिन मौसम के बीच आयोजित यह प्रशिक्षण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!