पात्र बच्चों तक लाभ पहुंचाने और बाल श्रम पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
टिहरी गढ़वाल 18 सितंबर, 2026 । जनपद में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा तथा बाल कल्याण एवं संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में जिला प्रोबेशन/जिला बाल कल्याण इकाई के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन- 1098, संप्रेक्षण गृह तथा पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता सहित बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों को संकटग्रस्त, निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने बाल श्रम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए जनपद में संभावित बाल श्रम हॉटस्पॉट स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा इन स्थानों पर नियमित निरीक्षण और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परिवीक्षा अधिकारी ज्योति पटवाल ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 643, स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 167, जिलाधिकारी विवेकाधीन कोष के तहत 32 तथा पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत 08 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विधवा पेंशन, अविवाहित महिला पेंशन तथा परित्यक्ता/तलाकशुदा महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने योजनाओं के अंतर्गत लंबित आवेदनों की संख्या तथा लंबित प्रकरणों में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम से संबंधित पीड़ितों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता के प्रकरणों, वितरित धनराशि तथा सहायता के लिए निर्धारित मानकों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




