टिहरी गढ़वाल । जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में सोमवार को नई टिहरी स्थित तहसील सभागार में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन, न्यूनीकरण, त्वरित राहत-बचाव एवं जनजागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के निर्देशों तथा अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी टिहरी के आदेशों के अनुपालन में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने प्रतिभागियों को जनपद में संभावित प्राकृतिक आपदाओं, उनसे बचाव, आपदा से पूर्व की तैयारियों, आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा आपदा के बाद राहत एवं पुनर्वास संबंधी आवश्यक जानकारियां दीं। उन्होंने आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीपीआर (CPR), अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने की विधि, बेसिक रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी मार्गों तथा संस्थान परिसर के सुरक्षित स्थलों की जानकारी दी गई। साथ ही जनपद एवं राज्य स्तर के आपातकालीन टोल-फ्री नंबरों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में भू-देव ऐप की उपयोगिता तथा आपदा के समय सैटेलाइट फोन के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई, ताकि संचार व्यवस्था बाधित होने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य सुचारु रूप से संचालित किए जा सकें।
प्रशिक्षण में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों एवं तहसील कर्मियों सहित कुल 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार धर्मवीर सिंह तथा सुरेंद्र बिष्ट ने भी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों को संबोधित करते हुए आपदा के प्रति सतर्क रहने और प्राप्त प्रशिक्षण को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन एवं सरकारी कार्मिकों को आपदाओं के प्रति जागरूक बनाना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्यों के लिए सक्षम तैयार करना है।
नई टिहरी में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 28 प्रतिभागियों को राहत-बचाव व जीवनरक्षक तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
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