“मैं टिहरी में कथा करने नहीं, आपके प्रेम और प्यार के लिए आता हूं।”: डॉ दुर्गेश आचार्य
टिहरी गढ़वाल 14 सितम्बर । शहीद सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में गंगा विश्व शांति सद्भावना समिति टिहरी गढ़वाल की ओर से बौराड़ी स्थित शहीद स्मारक के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा का रविवार को शुभारंभ हुआ। कथा से पहले बौराड़ी स्थित शिव मंदिर से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा स्थल पर पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने शिव महापुराण कथा का वाचन शुरू किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे। डॉ. दुर्गेश महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान डॉ. दुर्गेश महाराज ने टिहरी के लोगों के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं टिहरी में कथा करने नहीं, आपके प्रेम और प्यार के लिए आता हूं।” उन्होंने कहा कि टिहरीवासियों का स्नेह और अपनापन उन्हें हमेशा यहां आने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक किया तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की अपील की।
शिव महापुराण कथा 24 सितंबर तक चलेगी। समिति की ओर से श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा में पहुंचकर भगवान शिव की कथा का श्रवण करने की अपील की गई है।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष राकेश राणा, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद उनियाल, गोविंद सिंह पुंडीर, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष टीकम सिंह चौहान, कनिष्ठ प्रमुख विशन सिंह रांगड़, कुलदीप पंवार, गणेश भट्ट, नीलकंठ डिमरी, आनंद घिल्डियाल, नित्या नंद बहुगुणा, शैला देवी, कल्पना भट्ट, अंबिका नैथानी, सोनम भंडारी, अनिता थपलियाल, राम देई रावत, सपना कठैत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




