टिहरी झील समेत सेम-मुखेम, धनोल्टी, काणाताल और नागटिब्बा में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 10 से 40 लाख रुपये तक मिलेगी वित्तीय सहायता
टिहरी गढ़वाल 31 अक्टूबर। टिहरी जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिला सहकारी बैंक 100 नए होम स्टे स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा। प्रदेश सरकार की होम स्टे योजना के तहत बैंक की ओर से 10 से 40 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इसके लिए बैंक की सभी शाखाओं को अपने आसपास के पर्यटन क्षेत्रों से इच्छुक लोगों के आवेदन जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
शनिवार को जिला सहकारी बैंक की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला ने बताया कि टिहरी झील के आसपास के क्षेत्रों के साथ ही सेम-मुखेम, धनोल्टी, काणाताल और नागटिब्बा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होम स्टे विकसित करने की संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंक प्रबंधन इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
रमोला ने बताया कि बीते एक माह में बैंक की विभिन्न शाखाओं ने 40 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया है। इसके माध्यम से काश्तकारों को कृषि, उद्यान और स्वरोजगार के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग दिया गया है। ऋण वितरण और वसूली के निर्धारित लक्ष्यों में भी बैंक ने बेहतर प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि जिला सहकारी बैंक की नई टिहरी, मुनिकीरेती, ढालवाला, सांयकालीन ढालवाला, गरखेत, नैनबाग, नरेंद्रनगर और कीर्तिनगर शाखाओं ने निर्धारित लक्ष्य हासिल किए हैं। वहीं, लक्ष्य से कम प्रगति करने वाली शाखाओं के अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाली शाखाओं के अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने त्योहारी सीजन को देखते हुए सभी शाखाओं को वाहन ऋण वितरण के लक्ष्य भी अधिकाधिक संख्या में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बैंक के महाप्रबंधक राहुल गैरोला ने कहा कि वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बैंक के अधिकारी और कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।




