टिहरी गढ़वाल 11 सितंबर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के महासचिव एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा ने जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल से मुलाकात कर खंबाखाल–सिलोडा मोटर मार्ग के निर्माण, लंबित प्रक्रियाओं तथा प्रभावित काश्तकारों के मुआवजे सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
राकेश राणा ने कहा कि आज जब देश और दुनिया विकास के नए आयाम छू रही है, वहीं टिहरी जनपद का पहला गांव सिलोड़ा गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच का मूल आधार है।
उन्होंने बताया कि खंबाखाल से सिलोडा को जोड़ने के लिए लगभग 7 किलोमीटर मोटर मार्ग की आवश्यकता है, जिसमें 3 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। मुखमाल गांव से कनून तक 1 किलोमीटर सड़क स्वीकृत है तथा इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत मुखमाल गांव की ओर से सड़क निर्माण को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है।
राणा ने बताया कि सोनगढ़ नामक तोक, उत्तरकाशी मोटर मार्ग से चाका होते हुए सिलोडा तक लगभग 5 किलोमीटर सड़क भी स्वीकृत है, जिसका निर्माण पीएमजीएसवाई के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने विभागीय स्तर पर पत्रावली की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
उन्होंने मांग की कि अति शीघ्र एक कमेटी गठित कर आगे 4 किलोमीटर के लिए प्रस्तावित सड़क को मिसिंग लिंक के रूप में जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए और प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि–सिलोडा गांव को सड़क संपर्क मिल सके।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मार्ग को सिलोडा से सोंदी होते हुए चौरंगीखाल, उत्तरकाशी तक जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र के कई गांवों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
राणा ने कहा कि सड़क के अभाव में आज भी बीमारी, प्रसव अथवा दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों में ग्रामीणों, विशेषकर बहन-बेटियों और बुजुर्गों को डंडी-कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। यह स्थिति किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
काश्तकारों को शीघ्र मिले मुआवजा
बैठक में राकेश राणा ने खंबाखाल–सिलोडा मोटर मार्ग के किलोमीटर 3, मुखमाल गांव में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा लंबित होने का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि लगभग 10 परिवारों की भूमि सड़क निर्माण में गई है, लेकिन संबंधित काश्तकारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रभावित काश्तकारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने के साथ-साथ सड़क किनारे नाली निर्माण एवं आवश्यक कॉजवे का निर्माण भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को भविष्य में जलभराव और गांव की खेती बाड़ी को नुकसान होने का सामना न करना पड़े।
राकेश राणा ने कहा कि खंबाखाल–सिलोडा सड़क क्षेत्र के लिए सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आपातकालीन सुविधा और विकास से जुड़ने का जीवनदायिनी मार्ग है। इसलिए इसके निर्माण में अब किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।




