टिहरी गढ़वाल 16 सितम्बर। शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन डॉ दुर्गेश आचार्य महाराज ने भगवान शिव के अनंत स्वरूप, सत्य की महिमा और शिव आराधना के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास ने ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर हुए प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि दोनों के समक्ष भगवान शिव अनंत प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। ब्रह्मा और विष्णु ने उस प्रकाश स्तंभ के आदि और अंत का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
डॉ दुर्गेश महाराज जी ने कहा कि इस प्रसंग के माध्यम से भगवान शिव के अनंत और निराकार स्वरूप का बोध होता है। कथा में ब्रह्मा द्वारा असत्य कहे जाने के प्रसंग के माध्यम से सत्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक जीवन में सत्य, श्रद्धा, सेवा और सदाचार का विशेष महत्व है।
कथा व्यास जी ने कथा के दौरान शिवरात्रि और महाशिवरात्रि की महिमा का भी वर्णन किया गया। बताया गया कि प्रत्येक माह शिवरात्रि आती है, जबकि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत रखते हैं तथा रात्रि में पूजा-अर्चना और जागरण करते हैं।
भगवान शिव की पूजा में रुद्राक्ष और गंगाजल के महत्व का उल्लेख करते हुए डॉ दुर्गेश जी ने श्रद्धालुओं को आस्था और समर्पण के साथ शिव आराधना करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति में बाहरी आडंबर से अधिक श्रद्धा और भाव की प्रधानता है। महादेव के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करते हुए कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।
कथा के दौरान उन्होंने देहरादून से पहुंचे बलवीर सिंह सजवाण और उर्मिला सजवाण के गुरुदेव के प्रति समर्पण का भी उल्लेख कर उन्हें शुभाशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद उनियाल, गोविंद सिंह पुंडीर, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष टीकम सिंह चौहान, कनिष्ठ प्रमुख प्रतापनगर बिशन सिंह रांगड़, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, कांग्रेस शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार, देवेंद्र नौडियाल, गणेश भट्ट, नीलकंठ डिमरी, सतीश थपलियाल, आनंद घिल्डियाल, नित्यानंद बहुगुणा, रोशन थपलियाल, शैला देवी, कल्पना भट्ट, अंबिका नैथानी, सोनम भंडारी, अनीता थपलियाल, राम देई रावत, सपना कठैत, मंडप आचार्य हेमंत नौटियाल, कृष्ण बालक मिश्रा, राम रमैया भट्ट, कुलदीप नौटियाल, अनिल नौटियाल, कपिल देव उनियाल आदि मौजूद रहे।
ब्रह्मा-विष्णु भी नहीं जान सके शिव का आदि-अंत, प्रकाश स्तंभ बन प्रकट हुए महादेव: डॉ दुर्गेश आचार्य

*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
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