100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सीवेज शोधन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी ली
ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के नमामि गंगे प्रकोष्ठ की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप, नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में पशुलोक स्थित लक्कड़घाट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की उप महानिदेशक नलिनी श्रीवास्तव, निदेशक धीरज जोशी और नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। नलिनी श्रीवास्तव ने बताया कि 26 एमएलडी क्षमता वाला लक्कड़घाट एसटीपी घरेलू अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन कर गंगा में प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता अपनाने और गंगा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के बाद 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने एसटीपी का भ्रमण कर सीवेज शोधन के विभिन्न चरणों, संयंत्र की कार्यप्रणाली और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को समझा। विशेषज्ञों ने उन्हें जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी भी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन और परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने इसे पर्यावरण जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में नमामि गंगे, जल निगम, जल संस्थान और एसटीपी के अधिकारी-कर्मचारियों सहित विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।




