रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आचार्य दामोदर नौडियाल तथा कोषाध्यक्ष आचार्य महावीर पंत के नेतृत्व में कई वर्षों से सत्याश्रय सेवा संस्थान के सान्निध्य में यह धार्मिक आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
इसी क्रम में गत दिवस सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज अपने संत-मंडल एवं भक्तों के साथ रामलीला में पहुंचे। उनके साथ नृसिंह आश्रम की संचालिका साध्वी मां देवेश्वरी जी, वेदपाठी आचार्य सुमन कुकरेती, वेदपाठी आचार्य वसंत भदूला तथा नृसिंह भक्त सेवा संस्थान की सदस्य श्रीमती भगवती देवी रावत भी उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर स्वामी रसिक महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सत्यासरय सेवा संस्थान के मंगलमय भविष्य की कामना की तथा आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कलाकारों और कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने संस्थान को 11 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की तथा भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म, संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों का संरक्षण होता है।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से की अपील
सत्याश्रय रामलीला कमेटी की ओर से समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में बनियावाला स्थित रावत फार्म हाउस पहुंचकर भगवान श्रीराम की दिव्य लीलाओं का दर्शन करें और कलाकारों का उत्साहवर्धन करें।
रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से 12:30 बजे तक किया जा रहा है, जिसका समापन 5 नवंबर 2026 को होगा। समस्त धर्मप्रेमी जनता सादर आमंत्रित है।




