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कविता

Govind Pundir
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मेरी माटी मेरा देश, ‌है जग में सबसे प्यारा मेरा देश।

कभी -कभी कुछ शरारती लोग कर रहे हैं बदनाम अपना देश।।

मत देना उनका साथ, जो करने में लगे हैं, बर्बाद अपना देश।

सींचा था अपने लहू से जिन्होंने यह देश।

मेरी माटी मेरा देश, है जग में सबसे प्यारा मेरा देश।

बस रखना है हमें याद, हमेशा उन्हें अपने मन में।

जो दे गये है जान ,हमें शान से जीने मे।

मेरी माटी मेरा देश ,है जग में सबसे प्यारा मेरा देश।

यह जाति, धर्म और भाषा , प्रांत के भेद , कर रहे हैं बर्बाद हर एक देश।

बस रहना है सावधान ,इन सभी से, चाहें हो वो खास कोई, हम सभी से।।

मेरी माटी मेरा देश ,हैजग में सबसे प्यारा मेरा देश।

वीरों के बलिदान से, हासिल है यह मुकाम हम सभी को , कैसे कर दें,बेकार उनके अनमोल लहू को।

मेरी माटी मेरा देश है जग में सबसे प्यारा मेरा देश।

हर एक हिन्दुस्तानी, करता है प्रणाम उन सभी को, जो मर गए हैं, अपनी इस जमीं को।

मां, बाप या भाई – बहन का प्यार न रोक सका, उनकी इस डगर को ।

मेरी माटी मेरा देश है जग में सबसे प्यारा मेरा देश।।

डा.शशि बाला वर्मा

राजकीय महाविद्यालय पोखरी क्वीली।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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