दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा पर हाईकोर्ट की मुहर

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गढ़ निनाद समाचार * देहरादून,  8 जनवरी 2020

बीते 28 जुलाई 2018 को देहरादून  इंजीनियरिंग कॉलेज में निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करने वाले मजदूर की 11 वर्षीय मासूम बिटिया की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के बाद भी दुष्कर्म के दोषी को विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडेय की अदालत ने 29 अगस्त 19 को फांसी की सजा सुनाई थी। मंगलवार को इस सजा पर हाईकोर्ट ने मुहर लगाते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। घटना 28 जुलाई 2018 की दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब की है। 

बताते चलें कि देहरादून के सिंघनीवाला स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में मजदूरी करने वाले एक व्यक्ति की 11 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई। उसका शव उसी दिन शाम एक झोपड़ी में सीमेंट के खाली कट्टों और ईंटों के नीचे दबा हुआ मिला।

सहसपुर पुलिस ने अभियुक्त जयप्रकाश तिवारी (32) मूल निवासी ग्राम निमकपुरा थाना कुम्हारगंज जिला फैजाबाद के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। घटना की रात में ही पुलिस ने जयप्रकाश तिवारी को तिमली के पास जंगल से गिरफ्तार कर लिया था।पॉक्सो एक्ट के तहत उत्तराखंड में फांसी की थी पहली सजा है।

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