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टीएचडीसीआईएल ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवार्ड्स- 2025 के “आपदा प्रबंधन में डिजिटल नवाचार- गोल्ड कैटेगरी” से सम्मानित

टीएचडीसीआईएल ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवार्ड्स- 2025 के “आपदा प्रबंधन में डिजिटल नवाचार- गोल्ड कैटेगरी” से सम्मानित
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ऋषिकेश, 22 मार्च 2025 । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को नई दिल्ली में आयोजित ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवार्ड्स-2025 में “आपदा प्रबंधन में डिजिटल नवाचार- गोल्ड कैटेगरी” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह प्रतिष्ठित सम्मान टिहरी बांध के लिए विकसित अत्याधुनिक डिजिटल आपदा प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रदान किया गया, जो आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा में निगम की तकनीकी श्रेष्ठता को रेखांकित करता है।यह पुरस्कार 18 मार्च, 2025 को नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित समारोह में दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह थे, जिनके साथ शीर्ष अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ मौजूद रहे। डॉ. सिंह ने शासन में सुधार के लिए जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी डॉ. सिंह ने टीएचडीसी को ‘लीडरशिप इन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ के लिए पीएसयू लीडरशिप एंड एक्सीलेंस अवार्ड-2024 से सम्मानित किया था।

टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर. के. विश्नोई ने इस उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी और इसे नवाचार एवं प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “टिहरी बांध की डिजिटल आपदा प्रबंधन प्रणाली, जो 2016 में शुरू की गई, उन्नत इनफ्लो पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के साथ जीवन और ढांचागत सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह प्रणाली 11 स्वचालित मौसम स्टेशनों और चार गेज एवं डिस्चार्ज स्टेशनों से रियल-टाइम डेटा लेकर 6 और 24 घंटे पहले जलस्तर की जानकारी देती है। हाइब्रिड मॉडल (GIUH और ARMAX) के जरिए बाढ़ जोखिम को कम करने में यह प्रभावी है।”निदेशक (कार्मिक) श्री शैलेंद्र सिंह ने इसे नवाचार और सुरक्षा के प्रति निगम की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रणाली जोखिमों को कम कर लोगों की रक्षा करती है। राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हमें डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करता है।”

वहीं, निदेशक (तकनीकी) श्री भूपेंद्र गुप्ता ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “यह प्रणाली मॉनसून के दौरान जलाशय संचालन को अनुकूलित करती है और निचले क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। हम सतत विकास के लिए तकनीकी प्रगति को जारी रखेंगे।”यह पुरस्कार टीएचडीसी की डिजिटल डिजास्टर रेजिलिएंस और सार्वजनिक सुरक्षा में उत्कृष्टता को प्रमाणित करता है।


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Govind Pundir

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