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इको-टूरिज्म और ट्रैकिंग पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, ₹50 करोड़ से अधिक की योजनाओं पर तेजी से कार्य

Garhninad Desk
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पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार

उत्तरकाशी, 28 मई 2025 । उत्तरकाशी जिले में इको-टूरिज्म और ट्रैकिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹50 करोड़ से अधिक की योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने पर्यटन विभाग की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने सरनोल-सरुताल, जखोल-देवक्यारा और नचिकेता ताल जैसे प्रमुख ट्रैकिंग स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं ट्रैक मार्गों की मरम्मत, रेन शेल्टर, कैंपिंग शेड आदि के निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थलों को पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक व सुरक्षित बनाने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

डॉ. बिष्ट ने नचिकेता ताल ट्रैक मार्ग पर पाथवे सहित अन्य कार्यों हेतु शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं, जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पैदल मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर रेन शेल्टर निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों को अधिक सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाना आवश्यक है।

इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक और रोमांचक गर्तांग गली को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनाने तथा ट्रैक मार्ग के विस्तारीकरण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि पर्यटन स्थलों को आकर्षक, सुरक्षित एवं पर्यटक-मैत्री बनाने के लिए कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी के.के. जोशी ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में ट्रैकिंग पर्यटन की क्षमता को सशक्त बनाने के लिए ₹50 करोड़ से अधिक की विभिन्न योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में एसडीओ मयंक गर्ग, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी शालिनी चित्राण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क हरीश नेगी, उप निदेशक गोविंद वन्य जीव विहार निधी सेमवाल तथा प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र पुंडीर वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


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