गंगा आरती में स्वामी रसिक महाराज का भव्य स्वागत, बोले- सनातन धर्म को झूठे गुरुओं से सबसे बड़ा खतरा

Govind Pundir
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ऋषिकेश, 13 दिसंबर। उत्तर प्रदेश सनातन धर्म विकास परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि सनातन धर्म वर्तमान में गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। सबसे बड़ा खतरा झूठे धर्मगुरुओं से है, जो भीतर ही भीतर इसकी नींव खोद रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदुओं को पहले अपने ही परंपरागत अंधविश्वासों से सावधान रहना होगा।

शनिवार शाम मुनिकीरेती के शत्रुघ्न घाट पर गंगा गौ सेवा समिति ने स्वामी रसिक महाराज का भव्य स्वागत किया। सायं 5 बजे वे भगवान आदिबद्रीनारायण श्री शत्रुघ्न मंदिर पहुंचे, जहां महंत मनोज प्रपन्नाचार्य समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंदिर पूजा-अर्चना और मां गंगा की दैनिक आरती हुई।

आरती के दौरान संबोधित करते हुए पूज्य महाराज ने कहा, “धर्म की बुनियाद धर्मग्रंथ हैं, जो जीवन का सही मार्ग और जीव की सच्चाई बताते हैं। आज जो हिंदू कहलाते हैं, वे अपनी केंद्रीय किताबों से कट चुके हैं। सनातन को अन्य धर्मों से पहले खतरा हिंदुओं के अंधविश्वासों और झूठे गुरुओं से है।”उन्होंने युवाओं को लव जिहाद, धर्मांतरण और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से सतर्क रहने की नसीहत दी। कहा, “संत समाज को नगर-नगर, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना होगा। सनातन धर्म की रक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

इस अवसर पर महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि (भारत माता मंदिर), केशव स्वरुप ब्रह्मचारी, गंगा गौ सेवा समिति अध्यक्ष महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, सचिव रमाबल्लभ भट्ट, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, नगर पालिका अध्यक्ष नीलम विजल्वाण, हिमांशु विजल्वाण, आचार्य अजय विजल्वाण, डॉ. जनार्दन कैरवान, विजय बडोनी, गोपाल चौहान, आचार्य जितेंद्र भट्ट, आचार्य सुभाष डोभाल, मनमोहन शर्मा, मनन द्विवेदी, पुष्पा ध्यानी, विमल बडोनी, भारत भूषण कुकरेती, कमल सिंह राणा, सुरेंद्र भंडारी, दर्शनी भंडारी, शैलेंद्र बहुगुणा, योगेश बहुगुणा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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