श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ ‘पंचम विज्ञान संचारक सम्मान–2026’

ऋषिकेश। अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर स्थित मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में 14 फरवरी 2026 को ‘पंचम विज्ञान संचारक सम्मान–2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों, चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं को सम्मानित करना था।
इस प्रतिष्ठित आयोजन का संचालन Society of Pollution and Environmental Conservation Scientists (SPECS), देहरादून द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कुसुम कांत फाउंडेशन, सनराइज एकेडमी, मंथन वेलफेयर सोसाइटी, ग्रासरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसाइटी, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, Smart Circuits, Speaking Cube तथा The Dehradun Dialogue का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि विज्ञान संचार और नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका निरंतर सशक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, अभियंत्रण और शोध के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई है।
अमेरिका से आए प्रो. संजय मल्होत्रा ने विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। पुरस्कार समिति की अध्यक्ष मोना बाली ने “From Vision to Impact: Redefining STEM by Closing the Gender Gap” विषय पर अपने उद्बोधन में कहा कि STEM में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है और यह सम्मान उसी दिशा में एक सशक्त पहल है।
डॉ. पारुल सिंघल एवं AIIMS Rishikesh के डॉ. संतोष ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में महिलाओं की ऐतिहासिक और समकालीन भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम का संचालन सफिया हसन ने प्रभावपूर्ण ढंग से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पूजा पोखरियाल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. जी.के. ढींगरा, हरि राज सिंह, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. अनीता गेहलोत, नीरज उनियाल, बलेंदु जोशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
प्रो. शिवानी कुमार : Knight Cancer Institute, Oregon Health and Science University (USA) की निदेशक एवं वैश्विक ख्याति प्राप्त ऑन्कोलॉजिस्ट, जो प्रारंभिक चरण के कैंसर क्लिनिकल ट्रायल्स की अग्रणी विशेषज्ञ हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कार
डॉ. धनलक्ष्मी सिवानंधन: प्रख्यात कैंसर वैज्ञानिक एवं ड्रग डिस्कवरी विशेषज्ञ, जिन्होंने लक्ष्य पहचान से क्लिनिकल ट्रायल तक अनेक ऑन्कोलॉजी कार्यक्रमों का सफल नेतृत्व किया।
राज्य पुरस्कार
प्रो. नमिता जोशी: पर्यावरण विज्ञान एवं प्राणीशास्त्र में तीन दशकों से अधिक का योगदान।
डॉ. बेला गोयल – AIIMS Rishikesh में अतिरिक्त प्रोफेसर एवं एसोसिएट डीन (रिसर्च), क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ।
डॉ. ज्योत्स्ना सेठ – 100 से अधिक शोध प्रकाशनों से दंत शिक्षा को समृद्ध करने वाली प्रख्यात प्रोस्थोडॉन्टिस्ट।
डॉ. मनु पंत – Graphic Era University में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पादप जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ।
डॉ. तृप्ति मलिक – सूक्ष्मजैविकी एवं एंटीमाइक्रोबियल शोध में 20 वर्षों का अनुभव।
डॉ. गीता राणा – प्रबंधन क्षेत्र में 63 शोधपत्र, 7 पुस्तकें एवं अनेक पेटेंट की लेखिका।
डॉ. प्रभा लामा – अंग्रेजी साहित्य की विदुषी एवं विभागाध्यक्ष।
युवा वैज्ञानिक पुरस्कार
डॉ. पूनम चाहल – IIT Roorkee में पोस्टडॉक्टरल फेलो, क्वाटरनरी भूविज्ञान विशेषज्ञ।
डॉ. ईशा आहुजा बत्रा – क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं ‘अवलोकन’ की संस्थापक, सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य की पक्षधर।
कार्यक्रम ने विज्ञान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को सम्मानित करते हुए यह संदेश दिया कि जब दृष्टि और अवसर मिलते हैं, तो नवाचार समाज को नई दिशा देता है।



