सफलता के लिए अनुशासन और परिश्रम सर्वोपरि : डॉ0 त्रिपाठी।

टिहरी गढ़वाल। बाल सखा कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीदेव सुमन इंटर कालेज चम्बा में ‘मोटिवेशनल टॉक बाय रोल मॉडल’ कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में मार्ग दर्शन, करियर काउंसलिंग, बालिकाओं के लिए किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन और विधिक सेवा साक्षरता के बारे में विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों ने छात्र-छात्राओं को जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण (सिविल जज सीनियर डिवीजन) डॉ. आलोक राम त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलन के साथ की। अपने संबोधन में न्यायाधीश त्रिपाठी ने विस्तार पूर्वक बच्चों को कानून के क्षेत्र में रोजगार के अपार संभावनाओं पर जानकारी दी। कहा कि उचित मार्गदर्शन के द्वारा बच्चों के भविष्य की दिशा का निर्धारण होता है। प्रत्येक के लिए कानून की जानकारी होना लाजमी है। बताया कि कानून और न्याय में अन्योन्याश्रित हैं। संविधान हमारा सबसे बड़ा कानून है। उन्होंने पोक्सो, चेक बाउंस, नशा, साइबर क्राइम आदि के बारे में भी छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।
सहायक कृषि अधिकारी अंकुर कुमार ने कृषि, उद्योग और वानिकी के क्षेत्र में छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जबकि सहायक समाज कल्याण अधिकारी मयंक थपलियाल ने प्रशासनिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।
वरिष्ठ अधिवक्ता रिटेनर राजपाल सिंह मियां ने विभिन्न कानूनी जानकारी प्रदान की। शिक्षाविद सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने कहा कि भविष्य में रोजगार के लिए सही लक्ष्य का निर्धारण, आत्म निरीक्षण, परिस्थितिऔर क्षमता को समझना जरूरी है। रोजगार के लिए टीचिंग और नर्सिंग,स्वरोजगार के अलावा अनेक क्षेत्र हैं। प्रबंधन क्षेत्रों में जैसे अनेक कैसे रोजगार हैं। उच्च शिक्षा हेतु सोच समझकर के विषयों का चयन करें, देखा-देखी में कार्य न करें, आत्म निरीक्षण, रुचि, आर्थिक स्थिति का ख्याल रखें। इंटरनेट के युग में अखबार और पुस्तकों का अध्ययन करते रहें और अपना कोई रोल मॉडल चुनें।
विद्यालय के शिक्षिका श्रीमती पयाल और सुरेंद्र कुमार ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां दी। कार्यक्रम अध्यक्ष विद्यालय प्रधानाचार्य रामेश्वर प्रसाद सकलानी ने न्यायाधीश महोदय को समय देने के लिए आगंतुकों सहित आभार प्रकट किया।
कार्यशाला में निबंध, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का भी आयोजन कराया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि डॉक्टर त्रिपाठी के हाथों सम्मानित किया गया।
बाल सखा प्रकोष्ठ प्रभारी तथा कार्यक्रम संचालन शैलेंद्र डोभाल ने प्रकोष्ठ की थीम पर प्रकाश डाला और शिक्षकों के सहयोग से प्रतियोगिताएं संपन्न करवाई।
क्विज कंपटीशन में स्वीटी, सुष्मिता और कामना ने प्रथम, ऋषिका अदिति और माही ने द्वितीय तथा स्नेहा, अदिति और अनामिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध प्रतियोगिता में सिमरन राणा प्रथम, कशिश द्वितीय और सलोनी तृतीय स्थान पर रही।
पेंटिंग प्रतियोगिता में गौरी उनियाल ने प्रथम, सलोनी ने द्वितीय और स्नेहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक को मोमेंटो देकर पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर आर एस नेगी,जे एस रावत,डा.विनोद चौहान,मंजीत नकोटी,सौरभ उनियाल, दीपक रौतेला, तरुण डोभाल,ओ पी सेमल्टी,चमन रतूड़ी, मनोज बहुगुणा, गुड्डी रावत, कृष्णा रौतेला आदि उपस्थित थे।



