श्रीदेव सुमन राज. इंटर कॉलेज चंबा में हुई अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना

रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
टिहरी गढ़वाल 27 फरवरी। समग्र शिक्षा उत्तराखंड के तहत आईआईटी रुड़की से रा इ का चंबा को वैज्ञानिक शिक्षा के उद्देश्य हेतु अनेक प्रकार मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल,मेजरमेंट टूल्स (कस्टमाइज्ड लैब सेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर) के अलावा उच्च गति की टेलिस्कोप,लैब सामग्री उपलब्ध कराई गई।
श्रीदेव सुमन अटल उत्कृष्ट आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज चंबा अपनी छवि के लिए टिहरी जिले में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सन् 1956 को उच्चीकृत यह विद्यालय, प्रताप इंटर कॉलेज के बाद क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। टिहरी जिले के चुनिंदा इंटर कॉलेज नरेंद्रनगर, किलकिलेश्वर और चंबा का विशिष्ट स्थान रहा है। बाद के वर्षों में पुजार गांव कमांद आदि स्थानों में भी विद्यालय उच्चकृत हुए।
श्रीदेव सुमन इंटर कॉलेज में 80 के दशक तक डेढ़ हजार छात्र संख्या थी जो कि बाद में घटकर 130 तक आ गई थी। विद्यालय को नवाचारी प्रधानाचार्य आरपी सकलानी मिले और उन्होंने छात्र संख्या को वर्तमान में 260 से ऊपर पहुंचा दिया है। मानविकी, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग की पढ़ाई विद्यालय में होती है ।
सीबीएसई बोर्ड होने के कारण विद्यालय में उत्तरोत्तर विकास होता जा रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व माननीय सांसद टिहरी ने विद्यालय के लिए एक बड़े आर ओ की व्यवस्था की। साथ ही सोलर लाइट की भी व्यवस्था विद्यालय में की गई। कई तरह के ढांचागत सुविधाएं दो-तीन वर्षों में विद्यालय में देखने को मिली है।
वर्तमान में अटल टिंकरिंग लैब के खुल जाने के कारण यह छात्र-छात्राओं के लिए विज्ञान शिक्षा में अपने प्राचीन गौरव को हासिल करने का मौका मिलेगा। 90 के दशक तक विद्यालय में पढे हुए छात्र कम ही व्यवसायिक कोर्स में अपना भाग्य आजमाते थे। बीटेक- एमटेक की शिक्षा ग्रहण करना बच्चों के लिए स्वप्न था। मैं समझता हूं कि वाई पी एस पुंडीर विद्यालय से निकले हुए पहले एम टेक रहे हैं। उसके बाद अनेकों छात्र-छात्राएं विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद डॉक्टर्स और इंजीनियर्स बने।
शिक्षा में निजीकरण का प्रभाव बढ़ जाने के कारण सरकारी शिक्षा में ह्रास होता गया। पुनः राजकीय विद्यालय अपने अतीत के गौरव को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। सरकार भी इस ओर संवेदनशील है। इसी के तहत टिहरी जनपद के हृदय स्थल चंबा में श्रीदेव सुमन इंटर कॉलेज में “अटल टैंकरिंग लैब सेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर” की स्थापना की गई। आशा की जाती है के विद्वान शिक्षकों के द्वारा उचित ढांचागत सुविधा उपलब्ध होने पर वैज्ञानिक शिक्षा के प्रति बच्चों का रुझान बैठेगा।
विद्यालय के रसायन विज्ञान प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार बिंद ने लैब का अवलोकन करवाया। बारीकी से लैब के महत्व का विश्लेषण किया और वांछित सामग्री भी दिखाई। छात्र-छात्राओं में लैब के प्रति खासा उत्साह देखा गया।



