वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता व मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

टिहरी गढ़वाल। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर में वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन महाविद्यालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पदक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र नगर (फकोट) दीक्षा राणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में अपार ऊर्जा और प्रतिभा होती है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा दी जाए तो युवा शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल विकास बेहद आवश्यक है और युवाओं को अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रणितानंद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन और परिश्रम सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को महाविद्यालय के नियमों का पालन करने और शिक्षा के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए। इसमें वाणिज्य संकाय से 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक, विज्ञान संकाय से 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य, कला संकाय से 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य, पर्यटन संकाय से 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य, पत्रकारिता संकाय से 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य, बीएससी गृह विज्ञान से 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य, बीसीए से 3 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य तथा बीबीए से 2 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
अतिथियों ने संबंधित संकाय सदस्यों की उपस्थिति में मेधावी विद्यार्थियों को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुल 39 मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर क्रीड़ा प्रभारी डॉ. सुशील कुमार कगडियाल, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना की नोडल अधिकारी डॉ. नताशा, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. यू.सी. मैठाणी, डॉ. राजपाल सिंह रावत सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय महर और डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल ने संयुक्त रूप से किया।



