टिहरी गढ़वाल/उत्तरकाशी । चिन्यालीसौड़ स्थित गौलोक गौधाम चोपड़धार में विगत एक वर्ष से संचालित अखंड गौकथा का आयोजन 374वें दिन भी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी रहा। कथा का शुभारंभ 25 मई 2025 को गोपालमणि महाराज वेदव्यास ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा गोमाता के सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया था।

गोपालमणि महाराज ने कथा के दौरान उपस्थित गौभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष महत्व है और पूरे देश में गोमाता के संरक्षण एवं सम्मान के लिए व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गाय को श्रद्धा और आस्था का केंद्र माना गया है तथा इसकी सेवा को मानव कल्याण का माध्यम बताया गया है।
उन्होंने बताया कि अखंड गौकथा का समापन 5 जून 2026 को उनके जन्मदिवस के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों एवं भंडारे के साथ किया जाएगा।
गौधाम में आयोजित कथा में विभिन्न राज्यों और जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गौभक्त पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम में आचार्य सीताशरण, मुख्य यजमान गोपालमणि नौटियाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, विकास पाटनी, राकेश सेमवाल, आचार्य बृजमोहन शास्त्री, शिव प्रसाद सेमवाल, गोविंद बिष्ट, गोपाल दत्त रतूड़ी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।




