तीन दिन का अल्टीमेटम : टेंडर रद्द नहीं हुआ तो करेंगे भूख हड़ताल
टिहरी गढ़वाल, 20 जून। राम गाँव न्याय पंचायत की बैठक में ग्राम बौर एवं रामगाँव की पंचायत भूमि की प्रस्तावित नीलामी के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया। पूर्व प्रधान नत्थी सिंह कैन्तुरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि तीन दिन के भीतर नीलामी प्रक्रिया वापस लेने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भूख हड़ताल के साथ उग्र जन आंदोलन शुरू करेंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से संरक्षक मंडल का गठन करते हुए पूर्व राज्य मंत्री खेम सिंह चौहान, पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप पंवार तथा जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं समन्वयक मंडल में विजेंद्र सिंह रावत, ऋषि भट्ट, विक्रम सिंह अधिकारी एवं दिनेश भंडारी को शामिल किया गया।
बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भाग लेते हुए कहा कि पहले पंचायत भूमि की विधिवत निशानदेही कराई जाए, इसके बाद भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि को नीलामी के लिए चिह्नित किया गया है, उसे किसी भी स्थिति में निजी हितों के लिए नहीं जाने दिया जाएगा।
बैठक में पारित प्रस्तावों के अनुसार पंचायत भूमि की नीलामी से संबंधित टेंडर को तत्काल निरस्त करने, भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा स्थानीय जनता के हितों की रक्षा की मांग की गई।
इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी प्रस्ताव पारित किए गए। सभी मांगों को संकलित कर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया और कहा कि पंचायत की जमीन एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।




