टिहरी गढ़वाल, 22 जून। विकास खंड थौलधार अंतर्गत बौर, रामगांव एवं आसपास के क्षेत्रों की पंचायती भूमि की प्रस्तावित नीलामी और उसे निजी हाथों में सौंपे जाने के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल प्रतापनगर विधायक बिक्रम सिंह नेगी ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ग्राम पंचायतों की सरकारी एवं सामुदायिक भूमि, जो गांव की अमूल्य धरोहर है और जिसका उपयोग स्थानीय विकास एवं जनहित के कार्यों के लिए होना चाहिए, उसे ग्राम पंचायतों की अनुमति के बिना बेचने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि बौर और रामगांव क्षेत्र की प्रस्तावित भूमि नीलामी को तुरंत रद्द किया जाए तथा भविष्य में ग्राम सभा की सहमति के बिना किसी भी पंचायत भूमि को लीज पर देने अथवा निजी हाथों में सौंपने की कार्रवाई न की जाए।
प्रधान संगठन धौलधार के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्रवासी व्यापक जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
यूकेडी जिलाध्यक्ष डीडी पंत एवं पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप पंवार ने भी सरकार से तत्काल टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की।
प्रदर्शन में पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, प्रदीप रमोला, मंजू देवी, पूजा नेगी, संगीता, लीला पंवार, मनवीर सिंह, सुदीप सिंह, अक्षत पवन बिजलवान, बबीता, शीशपाल राणा समेत बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शामिल होकर पंचायत भूमि की रक्षा के लिए एकजुटता का परिचय दिया।




