टिहरी गढ़वाल 3 जुलाई। जिला चिकित्सालय बौराड़ी में कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित राय एवं चिकित्सा अधिकारी ग्रेड-1 डॉ. राखी गुसाईं के स्थानांतरण को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ (PMHS) की जनपद इकाई टिहरी गढ़वाल ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर दोनों चिकित्सकों के स्थानांतरण आदेश पर जनहित में पुनर्विचार करते हुए इसे स्थगित करने की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष डॉ यश मोहन सोनी एवं महासचिव डॉ गौरव भट्ट ने पत्र में कहा है कि दोनों चिकित्सक पिछले करीब 11 वर्षों से दुर्गम पर्वतीय जनपद टिहरी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित राय के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय बौराड़ी में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ। अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी और स्टेपलर हेमोरॉयडेक्टॉमी जैसी आधुनिक शल्य चिकित्सा की शुरुआत हुई, जिससे मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।
पत्र में कहा गया है कि डॉ. अमित राय के कार्यकाल में आईसीयू और एसएनसीयू जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों को सुदृढ़ किया गया तथा मनोरोग विभाग में आधुनिक ईसीटी मशीन सहित कई अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए गए। वहीं, डॉ. राखी गुसाईं के मार्गदर्शन में टेलीमेडिसिन सेवाओं का प्रभावी संचालन हुआ, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिल रहा है।
संघ ने यह भी कहा कि दोनों चिकित्सक आपातकालीन सेवाओं में 24 घंटे मरीजों की देखभाल और निगरानी में सक्रिय रहते हैं। ऐसे में दोनों का एक साथ स्थानांतरण होने से जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और स्थानीय जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
पीएमएचएस संघ ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि पर्वतीय क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, जनभावनाओं और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों चिकित्सकों के स्थानांतरण आदेश पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार कर इसे निरस्त अथवा स्थगित किया जाए। संघ ने इस संबंध में नई टिहरी विधायक, मुख्य चिकित्साधिकारी टिहरी तथा प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड को भी पत्र की प्रतिलिपि प्रेषित की है।




