17 मई को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे पंच केदार में शामिल भगवान रुद्रनाथ के कपाट

Govind Pundir
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चमोली, गढ़ निनाद ब्यूरो। भगवान रुद्रनाथ के कपाट 17 मई को ब्रह्म मुहूर्त में खोले जाएंगे।चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की डोली शनिवार को गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर परिसर से कैलाश के लिए रवाना हो गई है। सीमित संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भोले अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास कैलाश को रवाना हुए। 

17 मई को ब्रह्म मुहूर्त में हिमालय के मखमली बुग्यालों के मध्य स्थित पंच केदार में शामिल भगवान रुद्रनाथ के कपाट खोल दिए जाएंगे। रूद्रनाथ में भगवान शिव के एकानन मुख के दर्शन होते है। कपाट खुलने के बाद अब अगले 6 माह तक रूद्रनाथ में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जाएगी।

आभूषणों और फूलों से सजी चतुर्थ केदार रुद्रनाथ की उत्सव डोली पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ रवाना हुई। पिछले वर्षो तक सैकड़ों की संख्या में श्रद्वालु उत्सव डोली के साथ जाते थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस बार भी गिनती के लोगों को ही अनुमति दी गई। इस दौरान मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया। दो दिनों की कठिन पैदल यात्रा में उत्सव डोली का पहला पडाव पनार में रहेगा। इसके बाद अगले दिन डोली रूद्रनाथ के लिए रवाना होगी। भगवान रुद्रनाथ के कपाट 17 मई को ब्रह्म मुहूर्त में खोले जाएंगे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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