यूपी टीईटी पेपर लीक का मास्टरमाइंड अरविंद राणा उर्फ गुरुजी व राहुल गिरफ्तार

Garhninad Desk
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लखनऊ। पेपर लीक मामले में शनिवार को पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस प्रकरण में मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र से अरविंद राणा और राहुल को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक तीन दर्जन लोगों को गिरफ्तार करने के साथ कई बड़ों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भारी विरोध के बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।

 6 लाख में खरीदा था पेपर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल ने यूपीटीईटी का पेपर 6 लाख रुपए में खरीदा । इसके बाद राहुल ने करीब 22 अभ्यर्थियों को 50-50 हजार रुपए में पेपर बेच दिया 

बीते 28 नवंबर को हुआ था पेपर लीक

बता दें कि बीते वर्ष 28 नवंबर को यूपी टीईटी पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक होने का मास्टरमाइंड अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ के शिकंजे में है। केस के मास्टरमाइंड अरविंद राणा उर्फ गुरुजी को एसटीएफ ने बागपत से गिरफ्तार किया। नवंबर में एसटीएफ ने यूपी टीईटी पेपर लीक मामले में शामली से तीन आरोपियों रवि, धर्मेंद्र, मनीष, बबलू को गिरफ्तार किया था तब से अरविंद राणा फरार चल रहा था। उसी समय से राणा एसटीएफ के रडार पर था।

 नकल माफिया है राणा

एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि मूल रूप से शामली के झिंझाना का निवासी अरविंद राणा प्रदेश का बड़ा नकल माफिया है। उसके तार उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित राणा साल्वर गिरोह चलाता है। यह गिरोह एसएससी सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करते हुए पेपर लीक कराता था। 

कई संदिग्धों को लिया हिरासत में

एसटीएफ की अलग-अलग टीमों ने लखनऊ, मथुरा, कौशाम्बी, प्रयागराज, अयोध्या व अन्य जिलों में 15 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बिहार के नालंदा निवासी साल्वर गिरोह के सरगना राजन को भी खोजा गया। प्रयागराज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से कई जानकारियां जुटाई गई। एटीएफ पूर्व में हुई अन्य परीक्षाओं के दौरान पकड़े गए कई साल्वर गिरोह के सक्रिय सदस्यों की तलाश की। एसटीएफ ने आरोपितों के मोबाइल नंबरों के जरिए उन लोगों के बारे में भी छानबीन कर की, जिनके वे अधिक संपर्क में थे।

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