उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, सरकार से वादों के क्रियान्वयन की मांग तेज

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने अपनी लंबित एवं अधूरी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। महासंघ के आह्वान पर विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियन्ता कार्य बहिष्कार कर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं, जिससे कई विकास कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है।
प्रांतीय सचिव इंजीनियर सतीश भट्ट ने गढ़ निनाद न्यूज पोर्टल को बताया कि यह हड़ताल किसी नए वित्तीय बोझ की मांग को लेकर नहीं, बल्कि पूर्व में सरकार के साथ हुए समझौतों को लागू कराने के लिए की जा रही है। उनका कहना है कि लंबे समय से आश्वासन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रमुख मांगें बनीं हड़ताल की वजह:
श्री भट्ट ने समान वेतनमान को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ताओं को 5400 ग्रेड पे देने की मांग की जा रही है, जबकि ड्राफ्ट्समैन को 4200 ग्रेड पे दिया जा रहा है। इसके साथ ही 4600 ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई गई है।
महासंघ ने उरेडा विभाग में ग्रेड पे को लेकर अनियमितता का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि भर्ती के समय 4600 ग्रेड पे का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान में 4200 ग्रेड पे दिया जा रहा है, जो अभियन्ताओं के साथ अन्याय है।
अभियन्ताओं ने विभिन्न विभागों, विशेषकर कृषि विभाग में इंजीनियरिंग ढांचे को मजबूत करने की मांग की है। साथ ही वर्ष 2004 से एक ही पद पर कार्यरत अभियन्ताओं के लिए पदोन्नति के अवसर बढ़ाने हेतु “सेपरेट गैलरी” बनाए जाने की मांग भी रखी गई है।
महासंघ ने उत्तराखण्ड जल निगम और जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग करते हुए वहां कार्यरत अभियन्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की बात कही। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों जैसे बद्रीनाथ और केदारनाथ को अति दुर्गम श्रेणी में शामिल कर वहां तैनात कर्मियों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
महासंघ के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित होने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आज धरने में इंजीनियर अमित श्वसिया, शाखा अध्यक्ष इंजीनियर जयप्रकाश भट्ट, शाखा सचिव इंजीनियर आशीष मित्तल, जनपद सचिव राजेंद्र सोढी, प्रांतीय सचिव इंजीनियर सतीश भट्ट, मंडल उपाध्यक्ष ऊषा भंडारी, सहायक अभियंता शक्ति आर्य, नरेंद्र सिंह, अनिल कुमार, मोहन सिंह, इंजीनियर रेनू गुप्ता, इंजीनियर ममता पवार आदि शामिल रहे।



