ऋषिकेश परिसर में “एप्लाइड जीनोमिक्स और मॉलेक्युलर डायग्नोस्टिक्स” पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

Govind Pundir
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ऋषिकेश, 24 मार्च 2026। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश (श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय) के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में “New Frontiers in Applied Genomics, Molecular Diagnostics and Advanced Systems in Translational Research in Life Sciences 2026” विषय पर आधारित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला, सम्मेलन एवं संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम डीएनए लैब्स (CRIS), देहरादून के तकनीकी सहयोग से 21 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. मनीषा नैथानी (एम्स, ऋषिकेश), विशिष्ट अतिथि निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, आयोजन अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. मनीषा नैथानी ने प्रतिभागियों से शोध को प्रयोगशाला से समाज तक पहुंचाने हेतु ट्रांसलेशनल रिसर्च पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। वहीं प्रो. महावीर सिंह रावत ने चिकित्सा क्षेत्र में मॉलेक्युलर डायग्नोस्टिक्स की बढ़ती उपयोगिता और आधुनिक शोध तकनीकों की महत्ता पर प्रकाश डाला। आयोजन अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया।
तकनीकी सत्र और प्रशिक्षण
कार्यशाला के अंतर्गत आयोजित तकनीकी सत्रों में डीएनए लैब्स के प्रबंध निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा एवं डॉ. अंकिता सिंह ने प्रतिभागियों को स्वचालित चुंबकीय मनका-आधारित प्रणाली द्वारा जीनोम डीएनए निष्कर्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके अतिरिक्त जगजीत सिंह ने मिथाइलेशन प्रोफाइलिंग हेतु डीएनए तैयारी की जानकारी दी, जबकि रितिक डोगरा ने ELISA आधारित डीएनए मेथाइलेशन विश्लेषण एवं CRISPR (जीन एडिटिंग) तकनीक का प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों को जीन एडिटिंग, जीन साइलेंसिंग, ऑटोमेटेड न्यूक्लिक एसिड एक्सट्रैक्शन तथा पीसीआर (PCR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनके शोध कौशल में वृद्धि होगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी तकनीकों के माध्यम से उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन सफिया हसन द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सुनीति कुमार कुड़ियाल ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रो. एस.पी. सती, प्रो. सुरमान आर्य, डॉ. आर.के. जोशी, शालिनी कोटियाल, डॉ. बिंदु ठाकुर सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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